प्रोफेसर के.एन सिंह बने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ बिहार के कुलपति

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पटना :

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उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर कामेश्वर नाथ सिंह को सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ बिहार का कुलपति नियुक्त

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उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर कामेश्वर नाथ सिंह को सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ बिहार का कुलपति नियुक्त किए जाने पर सोशल मीडिया पर बधाई देने वालों का तातां लगा हुआ है।


दूरस्थ शिक्षा जागरूकता प्रकोष्ठ के प्रभारी डॉ अनिल कुमार सिंह भदौरिया बताते हैं सर्वप्रथम 2003 में तत्कालीन कुलपति प्रोफेसर देवेंद्र प्रताप सिंह ने संगम तट पर विश्वविद्यालय का जागरूकता शिविर आयोजित किया था। जिसका उद्घाटन करने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय की कृषि विज्ञान विद्या शाखा में वरिष्ठ परामर्शदाता प्रोफ़ेसर पंजाब सिंह आए थे।

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मां गंगा की कृपा से इसके तत्काल बाद प्रोफेसर पंजाब सिंह, काशी हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी के कुलपति नियुक्त हुए। तभी से यह सिलसिला चला आ रहा है कि राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति पद को जिसने सुशोभित किया, मां गंगा की कृपा से उसने मनचाहा मुकाम हासिल किया। इसकी फेहरिस्त बड़ी लंबी है।


डॉक्टर भदौरिया बताते हैं मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति रह चुके प्रोफेसर देवेंद्र प्रताप सिंह ने सर्वप्रथम संगम तट पर जागरूकता शिविर का आयोजन प्रारंभ कराया था। प्रोफेसर डीपी सिंह वर्तमान में मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, प्रयागराज के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन हैं। प्रोफेसर सिंह इस मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति बनने के पूर्व लखनऊ विश्वविद्यालय और ए पी एस विश्वविद्यालय, रीवा के कुलपति रह चुके थे।

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प्रोफेसर केदारनाथ सिंह यादव ने भी मुक्त विश्वविद्यालय में कुलपति रहने के उपरांत रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर तथा ए पी एस विश्वविद्यालय, रीवा के कुलपति पद को सुशोभित किया। वर्तमान में वह हरिद्वार में स्वामी रामदेव के पतंजलि विश्वविद्यालय में सलाहकार के रूप में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।

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प्रोफेसर यादव के बाद कुलपति बने प्रोफेसर नागेश्वर राव का नाम दूरस्थ शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति के लिए बहुत आदर से लिया जाता है। विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ प्रभात चंद्र मिश्र बताते हैं प्रोफेसर नागेश्वर राव 2008 से 2011 तक मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति रहे। इसके उपरांत प्रोफेसर राव ने उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति पद को सुशोभित किया। तत्पश्चात वह देश के एकमात्र राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी में प्रतिकुलपति के पद पर रहने के पश्चात वर्तमान में कुलपति के पद को सुशोभित कर रहे हैं।

प्रोफेसर एके बख्शी ने मुक्त विश्वविद्यालय में कुलपति रहते रहते टर्शियरी एजुकेशन कमिशन, मारीशस में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के उच्च पद पर छलांग लगाई। इसके पश्चात प्रोफेसर बक्शी पीडीएम यूनिवर्सिटी, बहादुरगढ़, हरियाणा में कुलपति के पद को सुशोभित कर रहे हैं। प्रोफेसर बख्शी के उपरांत प्रोफेसर जयंत विनायक वैशंपायन यहां अल्पकालीन समय तक कुलपति रहे। डॉक्टर भदौरिया बताते हैं 2013 के अर्धकुंभ में प्रोफेसर वैशंपायन ने अरैल में विश्वविद्यालय के जागरूकता शिविर का उद्घाटन किया था।

इसके पश्चात प्रोफेसर वैशंपायन ने कानपुर विश्वविद्यालय के कुलपति पद को संभाला। वर्तमान में वह बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी में कुलपति के पद को सुशोभित कर रहे हैं।

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प्रोफेशन राजपाल दहिया यहां कुलपति के पद पर कुछ दिनों के लिए रहे, तत्पश्चात वे भी दीनबंधु छोटू राम यूनिवर्सिटी ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी सोनीपत, हरियाणा में कुलपति के पद पर नियुक्त हो कर चले गए। प्रोफेसर पृथ्वीश नाग ने मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति रहते-रहते काशी विद्यापीठ, वाराणसी एवं संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के कुलपति का पदभार संभाला। प्रोफेसर एमपी दुबे मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति बनने के पूर्व इलाहाबाद विश्वविद्यालय में डीन कला संकाय जैसे महत्वपूर्ण पद पर आसीन थे। मुक्त विश्वविद्यालय में सबसे अधिक समय तक कार्यरत रहने वाले कुलपति का रिकॉर्ड भी प्रोफेसर एमपी दुबे के नाम है।

प्रोफेसर कामेश्वर नाथ सिंह ने 2018 में उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति पद का कार्यभार ग्रहण किया। अपने कार्यकाल में प्रोफेसर के एन सिंह ने विश्वविद्यालय के विकास के लिए कई कार्य किये। 2019 में प्रयागराज में आयोजित कुंभ के अवसर पर विश्वविद्यालय द्वारा सर्व समावेशी संस्कृति कुंभ के आयोजन में देशभर के प्रमुख साधु-संतों को एक मंच पर लाना प्रोफेसर सिंह की बहुत बड़ी उपलब्धि रही।

आज जब मुक्त विश्वविद्यालय में प्रोफेसर सिंह के सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ बिहार, बोधगया के कुलपति बनने की खबर पहुंची तो विश्वविद्यालय में हर्ष का माहौल रहा। व्यक्तिगत संपर्कियों सहित सोशल मीडिया पर प्रोफेसर सिंह को बधाई देने वालों का तांता लग गया। मुक्त विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार नियुक्त महिला कुलपति प्रोफेसर सीमा सिंह ने प्रोफेसर कामेश्वर नाथ सिंह को केंद्रीय विश्वविद्यालय का कुलपति बनने पर हार्दिक बधाई दी।

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