केन्‍द्रीय सतर्कता आयोग | Central Vigilance Commission

केन्‍द्रीय सतर्कता आयोग (Central Vigilance Commission)

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केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) केंद्र सरकार में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए मुख्य एजेंसी है। यहाँ 1964 में केंद्र सरकार द्वारा एक कार्यकारी संकल्प द्वारा स्थापित किया गया था। संथानम समिति (Santham Committee) द्वारा 1962-64 की रोकथाम पर इसकी स्थापना की सिफारिश की गई थी। आम तौर पर केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) न तो संवैधानिक निकाय था और न ही वैधानिक निकाय था। बाद में, 2003 में, संसद ने केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC)  को  वैधानिक दर्जा प्रदान करते हुए एक कानून बनाया।

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केन्‍द्रीय सतर्कता आयोग की पृष्‍ठभूमि क्‍या है

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केन्‍द्रीय सतर्कता आयोग की अवधारणा एक शीर्षस्‍थ सतर्कता संस्‍थान के रूप में की गई है जो किसी भी कार्यकारी प्राधिकारी के नियंत्रण से मुक्‍त है तथा केन्‍द्रीय सरकार के अन्‍तर्गत सभी सतर्कता गतिविधियों की निगरानी करता है एवं केन्‍द्रीय सरकारी संगठनों में विभिन्‍न प्राधिकारियों को उनके सतर्कता कार्यों की योजना बनाने, निष्‍पादन करने, समीक्षा करने तथा सुधार करने में सलाह देता है।

राष्‍ट्रपति द्वारा एक अध्‍यादेश जारी किए जाने के फलस्‍वरूप केन्‍द्रीय सतर्कता आयोग को 25 अगस्‍त, 1988 को ‘’सांविधिक दर्जा” देकर एक बहुसदस्‍यीय आयोग बनाया गया ।

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केन्‍द्रीय सतर्कता आयोग का वर्तमान दर्जा क्‍या है

केन्‍द्रीय सतर्कता आयोग विधेयक, संसद के दोनों सदनों द्वारा वर्ष 2003 में पास किया गया तथा राष्‍ट्रपति ने 11 सितम्‍बर, 2003 को इस विधेयक को स्‍वीकृति दी। इस‍ प्रकार, केन्‍द्रीय सतर्कता आयोग अधिनियम, 2003 (2003 की संख्‍या 45) उसी तिथि से प्रभावी हुआ।

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CVC की रचना (Composition of CVC)

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  • CVC एक बहु सदस्य निकाय है जिसमें एक केंद्रीय सतर्कता आयुक्त (Central Vigilance Commissioner) होता है और ज्यादा  दो सतर्कता आयुक्त (Vigilance Commissioners)होते हैं।
  • cvc के सदस्य और आयुक्त राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किए जाते हैं I
  • राष्ट्रपति द्वारा तीन सदस्य समिति की सिफारिश से  नियुक्त किए जाते हैं – प्रधानमंत्री (Head), केंद्रीय गृह मंत्री और लोकसभा के सदस्य के नेता हैं।
  • वे 4 साल की अवधि के लिए या अधिकत्म 65 वर्ष तक जो भी  पहले आयु प्राप्त करे , उतने वक़्त के लिए पद धारण करते हैं।
  • उनके कार्यकाल के बाद, वे केंद्र या राज्य सरकार के तहत आगे के रोजगार के लिए पात्र नहीं होते है।

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CVC गठन संरचना (CVC Organization Structure)

केन्‍द्रीय सतर्कता आयोग का अपना स्‍वयं का सचिवालय, मुख्‍य तकनीकी परीक्षक खंड तथा एक विभागीय जांच आयुक्‍त खंड है।

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CVC सचिवालय (Secretariat)

सचिवालय में भारत सरकार के अपर सचिव के स्‍तर के एक सचिव, भारत सरकार के संयुक्‍त सचिव के स्‍तर के चार अधिकारी, निदेशक/उप-सचिव के स्‍तर के तीस अधिकारी (दो विशेष कार्य अधिकारियों सहित), चार अवर सचिव तथा कार्यालय स्‍टाफ हैं।

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CVC भूमिका और कार्य (Roles & Functions)

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  • धारा 8 (1) (क)- दिल्‍ली विशेष पुलिस स्‍थापन (Central Bureau of Investigation) के कार्यकरण का अधीक्षण करना जहां तक वह भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के अधीन अपराधों अथवा लोक सेवकों की कतिपय श्रेणियों के लिए दंड प्रक्रिया संहिता के अन्‍तर्गत किसी अपराध के अन्‍वेषण से संबंधित है I
  • धारा 8 (1) (ख)- दिल्‍ली विशेष पुलिस स्‍थापन (केन्‍द्रीय अन्‍वेषण ब्‍यूरो) को अधीक्षण के लिए निदेश देना जहां तक इनका संबंध भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के अन्‍तर्गत अपराधों के अन्‍वेषण से है I
  • धारा 8 (1) (ग)- केन्‍द्रीय सरकार द्वारा भेजे गए किसी संदर्भ पर जांच करना अथवा जांच या अन्‍वेषण करवानाI
  • धारा 8(1) (घ)- केन्‍द्रीय सतर्कता आयोग अधिनियम, 2003 की धारा 8 की उपधारा 2 में विनिर्दिष्‍ट पदाधिकारियों के ऐसे प्रवर्ग से संबंधित किसी पदधारी के विरूद्ध प्राप्‍त किसी शिकायत में जांच करना या जांच अथवा अन्‍वेषण कराना I
  • धारा 8 (1) (ड)- भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के अधीन अभिकथित रूप से किए गए अपराधों में अथवा दण्‍ड प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत किसी अपराध में दिल्‍ली विशेष पुलिस स्‍थापन द्वारा किए गए अन्‍वेषणों की प्रगति का पुनर्विलोकन करना I
  • धारा 8(1)(च)- भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के अधीन अभियोजन की मंजूरी के लिए सक्षम प्राधिकारियों के पास लंबित आवेदनों की प्रगति का पुनर्विलोकन करना I
  • धारा 8 (1)(छ)- केन्‍द्रीय सरकार तथा इसके संगठनों को ऐसे मामलों पर सलाह देना जो इनके द्वारा आयोग को भेजे जाएंगे I
  • धारा 8 (1)(ज)- विभिन्‍न केन्‍द्रीय सरकारी मंत्रालयों, विभागों तथा केन्‍द्रीय सरकार के संगठनों के सतर्कता प्रशासन पर अधीक्षण रखना I
  • धारा 11- किसी भी जांच का संचालन करते समय आयोग को सिविल न्‍यायालय के सभी अधिकार प्राप्‍त होंगे I
  • धारा 19- संघ के कार्यों से संबंधित लोक सेवाओं तथा पदों पर नियुक्‍त व्‍यक्तियों से संबंधित अथवा अखिल भारतीय सेवाओं के सदस्‍यों से संबंधित सतर्कता अथवा अनुशासनिक मामलों का नियंत्रण करने वाले कोई भी नियम अथवा विनियम बनाने से पहले आयोग से किए जाने अनिवार्य परामर्श पर केन्‍द्र सरकार को उत्‍तर देना I
  • धारा 25- केन्‍द्रीय सतर्कता आयुक्‍त उस समिति के अध्‍यक्ष हैं तथा दोनों सतर्कता आयुक्‍त सदस्‍य हैं जिसकी सिफारिशों पर केन्‍द्रीय सरकार, प्रवर्तन निदेशक की नियुक्ति करती है I
  • धारा 25- प्रवर्तन निदेशक की नियुक्ति से संबंधित समिति को यह अधिकार भी है कि वह प्रवर्तन निदेशालय में उप निदेशक तथा इससे ऊपर के स्‍तर के पदों पर अधिकारियों की नियुक्ति के लिए, प्रवर्तन निदेशक से परामर्श करने के पश्‍चात अपनी सिफारिशें दें I
  • अनुभाग 26 तथा दिल्‍ली विशेष पुलिस स्‍थापन अधिनियम, 1946 की धारा 4 (ग)- केन्‍द्रीय सतर्कता आयुक्‍त उस समिति के अध्‍यक्ष हैं तथा दोनों सतर्कता आयुक्‍त सदस्‍य हैं जिसे दिल्‍ली विशेष पुलिस स्‍थापन (Central Vigilance Commissioner) में पुलिस अधीक्षक तथा इससे ऊपर के स्‍तर के पदों, निदेशक को छोड़कर, पर अधिकारियों की नियुक्ति तथा इन अधिकारियों के कार्यकाल का विस्‍तारण अथवा लघुकरण करने के लिए, निदेशक (Central Vigilance Commissioner) से परामर्श करने के पश्‍चात् अपनी सिफारिशें देने का अधिकार प्राप्‍त है I

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CVC अधिनियम के अन्‍तर्गत आयोग का अधिकार क्षेत्र

  • अखिल भारतीय सेवाओं के सदस्‍य जो संघ के कार्यों के संबंध में सेवा कर रहे हैं तथा केन्‍द्रीय सरकार के समूह ‘क’ अधिकारी।
  • सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में श्रेणी-V के स्‍तर के तथा उससे ऊपर के स्‍तर के अधिकारी।
  • भारतीय रिजर्व बैंक, नाबार्ड तथा सिडबी (Reserve Bank of India, NABARD and SIDBI) में श्रेणी ‘घ’ तथा इससे ऊपर के स्‍तर के अधिकारी।
  • अनुसूची ‘क’ तथा ‘ख’ सार्वजनिक उपक्रमों में मुख्‍य कार्यपालक तथा कार्यपालक मण्‍डल एवं ई-8 तथा इससे ऊपर के अन्‍य अधिकारी।
  • अनुसूची ‘ग’ तथा ‘घ’ सार्वजनिक उपक्रमों में मुख्‍य कार्यपालक तथा कार्यपालक मण्‍डल एवं ई-7 तथा इससे ऊपर के अन्‍य अधिकारी।
  • सामान्‍य बीमा कंपनियों में प्रबंधक एवं इससे ऊपर के अधिकारी।
  • जीवन बीमा निगमों में वरिष्‍ठ मण्‍डलीय प्रबंधक एवं इससे ऊपर के अधिकारी।
  • समितियों तथा अन्‍य स्‍थानीय प्राधिकरणों में अधिसूचना की तिथि को तथा समय-समय पर यथासंशोधित अनुसार केन्‍द्र सरकार डी.ए. प्रतिमान पर 8700/- रू० प्रतिमाह तथा इससे ऊपर वेतन पाने वाले अधिकारी।

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Shivanshu Mehta